डायबिटीज के मरीज जानें करेले के बीज के 5 फायदे, ऐसे करें इस्तेमाल | Health Benefits of bitter gourd seed

Uncategorized

जब आप करेले को इसके बीज समेत (Bitter Gourd Seeds for Diabetes)खाते हैं, तो ये शरीर में एक तरह के रफेज का काम करता है, जो कि हमारे मेटाबोलिज्म मेहनत करवाता है। इसके चलते हमारे मेटाबोलिज्म सही रहता है और शरीर का पाचन क्रिया सही से काम करता है। यही काम ये डायबिटीज के मरीज के लिए करता है, जिस वजह से डायबिटीज में होने वाली कब्ज की परेशानी कम हो जाती है।

इंसुलिन की कमी से शरीर शुगर पचा नहीं पाता है, जिससे शुगर की मात्रा बढ़ जाती है और ये खून में मिल कर पूरे शरीर में सर्कुलेट होने लगता है। करेला इसी प्रोसेस को सही करता है। दरअसल, डायबिटीज में करेले का बीज का सेवन करने से ये शरीर में ब्लड शर्करा को कम करने में मदद करता है। ऐसा इसलिए है करेले में इंसुलिन की तरह काम करने वाले गुण होते हैं, जो ऊर्जा के लिए कोशिकाओं में ग्लूकोज लाने में मदद करते हैं। फिर इसके बीज पाचनतंत्र को ठीक करके इंसुलिन के रिलीज को और बढ़ाते हैं, जो कुल मिला कर कोशिकाओं को ग्लूकोज का उपयोग करने और इसे आपके लिवर, मांसपेशियों और वसा में स्थानांतरित करने में मदद करते हैं।

डायबिटीज के मरीज में कोलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा होना दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है। दरअसल, कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर आपकी धमनियों में फैटी पट्टिका का निर्माण कर सकता है, जिससे आपके हृदय को ब्लड पंप करने में परेशानी आती है। करेले का बीज एलडीएल यानी कि खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में कमी लाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है।

करेले को कभी भी इसके बीज के साथ ही खाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये आपके वजन को संतुलित करने में मदद करेगा। ये बीज रफेज हैं, जो कि आसानी से पचेंगे नहीं और शरीर में वेस्ट को आसानी से बाहन निकाल कर आपके वजन को संतुलित रखने में मदद करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *